शनिवार, 6 मार्च 2010

नर्मदा नामावली: --आचार्य संजीव 'सलिल'

नर्मदा नामावली

आचार्य संजीव 'सलिल'

पुण्यतोया सदानीरा नर्मदा.
शैलजा गिरिजा अनिंद्या वर्मदा.
शैलपुत्री सोमतनया निर्मला.
अमरकंटी शांकरी शुभ शर्मदा.
आदिकन्या चिरकुमारी पावनी.
जलधिगामिनी चित्रकूटा पद्मजा.
विमलहृदया क्षमादात्री कौतुकी.
कमलनयनी जगज्जननि हर्म्यदा.
शाशिसुता रौद्रा विनोदिनी नीरजा.
मक्रवाहिनी ह्लादिनी सौंदर्यदा.
शारदा वरदा सुफलदा अन्नदा.
नेत्रवर्धिनि पापहारिणी धर्मदा.
सिन्धु सीता गौतमी सोमात्मजा.
रूपदा सौदामिनी सुख-सौख्यदा.
शिखरिणी नेत्रा तरंगिणी मेखला.
नीलवासिनी दिव्यरूपा कर्मदा.
बालुकावाहिनी दशार्णा रंजना.
विपाशा मन्दाकिनी चित्रोंत्पला.
रुद्रदेहा अनुसूया पय-अंबुजा.
सप्तगंगा समीरा जय-विजयदा.
अमृता कलकल निनादिनी निर्भरा.
शाम्भवी सोमोद्भवा स्वेदोद्भवा.
चन्दना शिव-आत्मजा सागर-प्रिया.
वायुवाहिनी कामिनी आनंददा.
मुरदला मुरला त्रिकूटा अंजना.
नंदना नाम्माडिअस भव मुक्तिदा.
शैलकन्या शैलजायी सुरूपा.
विपथगा विदशा सुकन्या भूषिता.
गतिमयी क्षिप्रा शिवा मेकलसुता.
मतिमयी मन्मथजयी लावण्यदा.
रतिमयी उन्मादिनी वैराग्यदा.
यतिमयी भवत्यागिनी शिववीर्यदा.
दिव्यरूपा तारिणी भयहांरिणी.
महार्णवा कमला निशंका मोक्षदा.
अम्ब रेवा करभ कालिंदी शुभा.
कृपा तमसा शिवज सुरसा मर्मदा.
तारिणी वरदायिनी नीलोत्पला.
क्षमा यमुना मेकला यश-कीर्तिदा.
साधना संजीवनी सुख-शांतिदा.
सलिल-इष्ट माँ भवानी नरमदा.

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शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2010

मंदिर: Achal Verma

मंदिर
मंदिर की पहचान सुनाऊँ, मंदिर की पहचान,
जहां पहुँच ,मन थिर हो जाए , दिख जाए भगवान |
भक्त की श्रध्धा पत्थर की मूरत में डाले जान ,
मूरत की एक झलक हटा दे हर मन का अज्ञान |
यहाँ नाकोई उंच नीच है, सब हैं एक समान,
उम्र की कोई बात न उठती , सबको मिलता ज्ञान|
आते ही मंदिर के अन्दर, मन बन जाय महान,
पुज्य भाव भर जाए मन में, हो जाए कल्याण |
माँ की मूरत देखे हमको , अभय का दे वरदान ,
औढरदानी शम्भू विराजें , करें मंत्र का दान |
शीश झुकाए ,प्रहरी बनकर खड़े "अचल" हनुमान,
एक प्रभू के रूप अनेकों , करलें हम सब ध्यान ||

Achal Verma

--- On Wed, 2/17/10, shriprakash shukla

रविवार, 14 फ़रवरी 2010

बम बम लहरी

बम बम लहरी बम भोलेनाथ
डम डम डम डम डमरू बाजे
नंदीगन खड़े है जोड़े हाथ
भंग का रंग जमाए शंकर
विष्णु करे नृत्य देवन साथ

बम बम लहरी बम भोलेनाथ
बम बम लहरी बम भोले नाथ

गोरी का भी रूप खिल गया
तारो से सजी है रात
धरती पर भी धूम मची
शिव शक्ति का मिलन है आज

बम बम लहरी बम भोलेनाथ
बम बम लहरी बम भोले नाथ

रूप अनोखा अद्भूत ऐसा
नागो को लिये है साध
अंग भभूती, भाल चन्द्रमा
डमरू त्रिशूल, धरे दोउ हाथ

बम बम लहरी बम भोलेनाथ
बम बम लहरी बम भोले नाथ

बुधवार, 20 जनवरी 2010

सरस्वती-स्तुति: संजीव 'सलिल'

माँ मुझको ॐ-प्रकाश मिले, नित सद्भावों के सुमन खिलें.
वर ऐसा दो सत्मूल्यों के शुभ संस्कार किंचित न हिलें.
मम कलम विचारों वाणी को मैया अपना आवास करो-
मेर जीवन से मिटा तिमिर हे मैया अमर उजास भरो..

शुक्रवार, 15 जनवरी 2010

नर्मदा नामावली संजीव 'सलिल'

नर्मदा नामावली

संजीव 'सलिल'



पुण्यतोया सदानीरा नर्मदा.

शैलजा गिरिजा अनिंद्या वर्मदा.

शैलपुत्री सोमतनया निर्मला.

अमरकंटी शांकरी शुभ शर्मदा.

आदिकन्या चिरकुमारी पावनी.

जलधिगामिनी चित्रकूटा पद्मजा.

विमलहृदया क्षमादात्री कौतुकी.

कमलनयनी जगज्जननि हर्म्यदा.

शाशिसुता रौद्रा विनोदिनी नीरजा.

मक्रवाहिनी ह्लादिनी सौंदर्यदा.

शारदा वरदा सुफलदा अन्नदा.

नेत्रवर्धिनि पापहारिणी धर्मदा.

सिन्धु सीता गौतमी सोमात्मजा.

रूपदा सौदामिनी सुख-सौख्यदा.

शिखरिणी नेत्रा तरंगिणी मेखला.

नीलवासिनी दिव्यरूपा कर्मदा.

बालुकावाहिनी दशार्णा रंजना.

विपाशा मन्दाकिनी चित्रोंत्पला.

रुद्रदेहा अनुसूया पय-अंबुजा.

सप्तगंगा समीरा जय-विजयदा.

अमृता कलकल निनादिनी निर्भरा.

शाम्भवी सोमोद्भवा स्वेदोद्भवा.

चन्दना शिव-आत्मजा सागर-प्रिया.

वायुवाहिनी कामिनी आनंददा.

मुरदला मुरला त्रिकूटा अंजना.

नंदना नाम्माडिअस भव मुक्तिदा.

शैलकन्या शैलजायी सुरूपा.

विपथगा विदशा सुकन्या भूषिता.

गतिमयी क्षिप्रा शिवा मेकलसुता.

मतिमयी मन्मथजयी लावण्यदा.

रतिमयी उन्मादिनी वैराग्यदा.

यतिमयी भवत्यागिनी शिववीर्यदा.

दिव्यरूपा तारिणी भयहांरिणी.

महार्णवा कमला निशंका मोक्षदा.

अम्ब रेवा करभ कालिंदी शुभा.

कृपा तमसा शिवज सुरसा मर्मदा.

तारिणी वरदायिनी नीलोत्पला.

क्षमा यमुना मेकला यश-कीर्तिदा.

साधना संजीवनी सुख-शांतिदा.

सलिल-इष्ट माँ भवानी नरमदा.

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सोमवार, 11 जनवरी 2010

सरस्वती वंदना : ३ संजीव 'सलिल'

सरस्वती वंदना : ३


संजीव 'सलिल'


*

हे हंसवाहिनी! ज्ञानदायिनी!

अम्ब विमल मति दे...

*

नाद-ब्रम्ह की नित्य वंदना.

ताल-थापमय सृजन-साधना.

सरगम कंठ सजे...

*

रुनझुन-रुनझुन नूपुर बाजे.

नटवर-चित्रगुप्त उर साजे.

रास-लास उमगे...

*

अक्षर-अक्षर शब्द सजाये.

काव्य-छंद, रस-धार बहाये.

शुभ साहित्य सृजे...

*

सत-शिव-सुन्दर सृजन शाश्वत.

सत-चित-आनंद भजन भागवत.

आत्म देव पुलके...

*

कंकर-कंकर प्रगटे शंकर.

निर्मल करें ह्रदय प्रयलंकर.

'सलिल' सतत महके...

*

बुधवार, 6 जनवरी 2010

सरस्वती वंदना : २ --संजीव 'सलिल'

सरस्वती वंदना : २

संजीव 'सलिल'

*

हे हंसवाहिनी!, ज्ञानदायिनी!!

अम्ब विमल मति दे...

*

जग सिरमौर बने माँ भारत.

सुख-सौभाग्य करे नित स्वागत.

नव बल-विक्रम दे...

*

साहस-शील ह्रदय में भर दे.

जीवन त्याग-तपोमय कर दे.

स्वाभिमान भर दे...

*

लव-कुश, ध्रुव-प्रह्लाद हम बनें.

मानवता का त्रास-तम हरें.

स्वार्थ विहँस तज दें...

*

दुर्गा, सीता, गार्गी, राधा.

घर-घर हों, काटें हर बाधा.

सुख-समृद्धि सरसे...

*

नेह-प्रेम की सुरसरि पावन.

स्वर्गोपम हो राष्ट्र सुहावन.

'सलिल' निरख हरषे...

***

दिव्यनर्मदा.ब्लागस्पाट.कॉम

Acharya Sanjiv Salil

http://divyanarmada.blogspot.com/