बम बम लहरी बम भोलेनाथ
डम डम डम डम डमरू बाजे
नंदीगन खड़े है जोड़े हाथ
भंग का रंग जमाए शंकर
विष्णु करे नृत्य देवन साथ
बम बम लहरी बम भोलेनाथ
बम बम लहरी बम भोले नाथ
गोरी का भी रूप खिल गया
तारो से सजी है रात
धरती पर भी धूम मची
शिव शक्ति का मिलन है आज
बम बम लहरी बम भोलेनाथ
बम बम लहरी बम भोले नाथ
रूप अनोखा अद्भूत ऐसा
नागो को लिये है साध
अंग भभूती, भाल चन्द्रमा
डमरू त्रिशूल, धरे दोउ हाथ
बम बम लहरी बम भोलेनाथ
बम बम लहरी बम भोले नाथ
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रविवार, 14 फ़रवरी 2010
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